सबसे पहले अपनी सेहत का ध्यान रखो,
जीवन की नींव को मजबूत रखो।
धन-दौलत सब बाद में आती है,
स्वास्थ्य ही असली कमाई कहलाती है।
जिसका तन साथ छोड़ देता है,
वो मन से भी टूटने लगता है।
रिश्ते चाहें कितना भी निभाएँ,
बीमारी सब पर भारी पड़ जाए।
जो स्वस्थ है वही समर्थ है,
उसी का हर कदम प्रभावशाली है।
सुबह की हवा में जीवन बसता है,
थोड़ा अनुशासन ही सच्चा रास्ता है।
समय पर भोजन, समय पर विश्राम,
यही है खुशियों का असली धाम।
तन की थकान को पहचानो,
मन के संकेतों को भी जानो।
क्योंकि जब स्वास्थ्य बिगड़ जाता है,
इंसान खुद से भी दूर हो जाता है।
अपनों पर बोझ बनना किसे भाता है,
स्वाभिमान तभी तो मुस्कुराता है।
इसलिए आज से ये प्रण करो,
अपने शरीर का सम्मान करो।
स्वस्थ रहोगे तो रिश्ते खिलेंगे,
जीवन के हर रंग फिर