स्कूल की पाँचवीं कक्षा में उस दिन कुछ ऐसा हुआ कि पूरी क्लास लोटपोट हो गई। मास्टर जी बड़े गंभीर स्वभाव के थे और बच्चों को हमेशा कहते थे, “क्लास में अनुशासन सबसे जरूरी है।”
उस दिन मास्टर जी ने बच्चों से पूछा, “बताओ, सबसे तेज जानवर कौन है?”
पिंटू तुरंत खड़ा हुआ और बोला, “सर, मेरा बड़ा भाई!”
मास्टर जी चौंक गए, “वह कैसे?”
पिंटू बोला, “सर, वह इतनी तेजी से भागता है कि स्कूल का होमवर्क देखकर ही गायब हो जाता है।”
क्लास में हल्की हँसी फैल गई।
मास्टर जी ने फिर पूछा, “अच्छा, बताओ सूरज कहाँ से निकलता है?”
गोलू खड़ा होकर बोला, “सर, हमारे घर के सामने वाली छत से।”
मास्टर जी ने माथा पकड़ लिया।
फिर उन्होंने पूछा, “अगर मैं तुमसे कहूँ कि दो और दो पाँच होते हैं, तो क्या करोगे?”
चिंटू बोला, “सर, मैं बहस नहीं करूँगा क्योंकि मुझे पास होना है।”
यह सुनकर मास्टर जी खुद भी मुस्कुरा दिए।
इतने में पीछे बैठे बंटी ने अचानक कहा, “सर, अगर गणित इतना जरूरी है तो शादी में भी जोड़-घटाव होना चाहिए।”
मास्टर जी बोले, “वह कैसे?”
बंटी बोला, “सर, शादी में लोग जोड़ते ज्यादा हैं और खर्च घटाते कम हैं।”
यह सुनकर पूरी क्लास जोर-जोर से हँसने लगी।
फिर मास्टर जी ने गंभीर होकर कहा, “अब एक मुश्किल सवाल।”
उन्होंने पूछा, “अगर तुम्हें जंगल में शेर मिल जाए तो क्या करोगे?”
पिंटू खड़ा हुआ और बोला, “सर, मैं तुरंत अपना टिफिन शेर को दे दूँगा ताकि वह मेरा पीछा न करे।”
क्लास में इतनी जोर से हँसी हुई कि कुछ बच्चे बेंच पर ही लोटपोट हो गए।
मास्टर जी भी अपनी हँसी रोक नहीं पाए।
उस दिन पढ़ाई के साथ-साथ हँसी का भी पाठ पढ़ाया गया।
छुट्टी के समय मास्टर जी बोले, “याद रखना, हँसी भी पढ़ाई जितनी जरूरी है।”
और बच्चे घर जाते समय कहते जा रहे थे, “आज पूरी क्लास सच में लोटपोट हो गई।”