रिश्ते खून से ही नहीं बनते,
कुछ लोग दिल से भी जुड़ते।
बिना नाम के बंधन होते,
पर सबसे गहरे स्पंदन होते।
जो मुश्किल में साथ खड़े हों,
वही अपने सच में बड़े हों।
न कोई वंश, न कोई पहचान,
बस अपनापन ही उनकी शान।
कभी दोस्त बनकर आते हैं,
कभी भाई सा साथ निभाते हैं।
बिना कहे जो समझ जाएँ,
वही दिल के करीब आ जाएँ।
सुख-दुख में जो थामे हाथ,
वही होते जीवन का साथ।
खून का रिश्ता मिल जाता है,
दिल का रिश्ता चुना जाता है।
कुछ लोग किस्मत से मिलते हैं,
और आत्मा से जुड़ जाते हैं।
ऐसे रिश्ते अनमोल होते,
हर बंधन से बढ़कर होते।