किसी को धोखा देना एक कर्ज है,
जो लौटकर आता है, यही सच है।
आज तुम मुस्कुरा कर बच जाओगे,
कल अपने ही जाल में फँस जाओगे।
विश्वास कोई खिलौना नहीं होता,
जो टूटे तो फिर सलोना नहीं होता।
झूठ की नींव बहुत कमजोर होती है,
सच की दीवारें ही मजबूत होती हैं।
जिस दिल को तुमने तोड़ा है,
वक़्त ने सब कुछ जोड़ा है।
कर्मों का हिसाब चुपचाप चलता है,
हर अन्याय का पलड़ा पलटता है।
धोखा देकर जो जीतते हैं,
वो भीतर से रोज़ ही हारते हैं।
आँखों की नींद उड़ जाती है,
आत्मा सच्चाई पुकारती है।
दूसरों का हक जो मारोगे,
अपने हिस्से का सुख हारोगे।
वक़्त बड़ा न्यायाधीश है,
हर इंसाफ़ का साक्षी है।
इसलिए सच्चाई का साथ निभाओ,
रिश्तों में ईमान का दीप जलाओ।
क्योंकि धोखे का हर एक वार,
लौटकर करता है दिल पर प्रहार।