मोहब्बत का ताल्लुक उम्रों से नहीं होता,
मनपसंद शख़्स हर उम्र में खूबसूरत होता।
ये झुर्रियों में भी नूर खोज लेती है,
सफेद बालों में भी चाँद बो देती है।
ये दिल की धड़कनों से रिश्ता बनाती है,
समय की दीवारों को खुद गिराती है।
न उम्र की सरहद इसे रोक पाती है,
न सालों की दूरी इसे मिटा पाती है।
जब नाम तुम्हारा लबों पर आता है,
हर मौसम बसंत बन जाता है।
तुम हँसो तो सुबह सी लगती हो,
चुप रहो तो दुआ सी लगती हो।
तेरी सादगी में भी जादू है,
तेरी आँखों में पूरा काबू है।
साल गुजरें तो क्या फर्क पड़ता है,
इश्क़ तो हर रोज़ नया सा लगता है।
चेहरे बदलें, दिल नहीं बदलते,
सच्चे जज़्बात कभी नहीं ढलते।
मोहब्बत को गिनती नहीं आती,
ये बस महसूस होना जानती।
तू साथ रहे तो उम्र ठहर जाती है,
तेरी बाहों में हर शाम सँवर जाती है।
इश्क़ की रौशनी ऐसी गहरी है,
हर उम्र में तू मेरी ही है।