स्वयं से उलझना संघर्ष है,
दूसरों में उलझना व्यर्थ है।
जो भीतर झाँकना सीख गया,
वही जीवन का अर्थ जान गया।
अपनी कमियों से जो लड़ा,
वही असली रण में खड़ा।
दुनिया को बदलना आसान नहीं,
खुद को बदलना असंभव नहीं।
आईना कभी झूठ नहीं कहता,
मन का सच यूँ ही नहीं बहता।
दोष जगत में ढूँढना सरल है,
पर आत्ममंथन ही सफल है।
हर हार में सीख छुपी होती है,
हर चुप्पी में चीख छुपी होती है।
जो स्वयं को जीत गया,
वही हर बंधन से मुक्त हुआ।
मन के संशय जब मिटते हैं,
तभी नए संकल्प जन्म लेते हैं।
दूसरों से कैसी होड़ यहाँ,
अपनी ही बनानी है पहचान।
संघर्ष को मित्र बना ले तू,
अपना भाग्य स्वयं गढ़ ले तू।
स्वयं से जो सुलह कर लेता है,
वही जीवन सच में जी लेता है।