जो इंसान दिल के साफ होते हैं,
वो कम ही लोगों के खास होते हैं।
भीड़ में भी तनहा दिखते हैं,
सच के रास्तों पर ही चलते हैं।
झूठ का सहारा लेते नहीं,
किसी का दिल यूँ तोड़ते नहीं।
बातें उनकी सीधी होती हैं,
नज़रें कभी झुकी नहीं होती हैं।
दुनिया अक्सर उन्हें परखती है,
हर मोड़ पर थोड़ा कसती है।
मगर वो फिर भी मुस्काते हैं,
अपनी फितरत नहीं बदल पाते हैं।
लालच से खुद को दूर रखते हैं,
रिश्तों में सच्चाई भरते हैं।
उनकी चुप्पी भी बोलती है,
हर धड़कन सच तोलती है।
ऐसे लोग नायाब होते हैं,
भीतर से जैसे आफ़ताब होते हैं।
वो दिखावे से परे रहते हैं,
भीड़ में भी सधे रहते हैं।
कम लोग उन्हें समझ पाते हैं,
जो समझें वही उनके खास बन जाते हैं।