ज़िंदगी से हर रोज़ कोई बड़ा इनाम नहीं माँगा हमने,
कभी मुस्कान चुनी, कभी हालात को थामा हमने।
धूप के कुछ लम्हे आए, कुछ छाँव में बदल गए,
हर दिन जीने का एक नया बहाना ढूँढा हमने।
बस एक सच्चे कंधे की तलाश इस सफर में रही,
जहाँ चुप होकर भी दिल की बात कही जा सके।
भीड़ के शोर में भी कोई अपना मिले,
जो बिना कहे हर दर्द समझ सके।
दोस्ती शर्तों की नहीं, भरोसे की डोर है,
यहाँ हर रिश्ता वक़्त की कसौटी पर कमजोर नहीं।
पहले साथ चलकर देखा जाता है हर मोड़ पर,
फिर दिल बिना सवालों के सौंप दिया जाता है।
यह रिश्ता इत्र की खुशबू जैसा नहीं जो खत्म हो जाए,
यह तो साँस है जो मुश्किलों में भी चलती जाए।
यह काग़ज़ पर लिखा वादा नहीं जो मिट जाए,
यह वो एहसास है जो हर समय साथ निभाए।
अगर ज़िंदगी सवाल बने, तो ये लोग जवाब बन जाएँ,
अंधेरे रास्तों में भी रोशनी की तरह फैल जाएँ।
हम हँसी में ही नहीं, खामोशी में भी साथ हैं,
आज की कहानी और कल के हालात हैं।
यह रिश्ता साँसों तक नहीं, यादों में भी जिंदा है,
कुछ लोग दुआ बनकर ज़िंदगी से आगे भी साथ हैं।