जिस पल मृत्यु आती है,
नाम नहीं, बस “बॉडी” रह जाती है।
“बॉडी लाओ, बॉडी उठाओ”
यही पुकार सुनाई जाती है।
जिन्हें रिझाने में उम्र गँवाई,
वे भी नाम नहीं दोहराते हैं।
इसलिए हर चुनौती को अपनाओ,
जीवन को खुलकर जी जाओ।
पसंद की चीजों पर खर्च करो,
हंसो कि पेट में दर्द हो जाए।
चाहे जैसे भी नाचो तुम,
खुशी में मन खुलकर मुस्काए।
तस्वीरों में पागल बन जाओ,
बचपन फिर से लौटाओ।
मृत्यु सबसे बड़ा नुकसान नहीं,
आस का बुझ जाना ही हार है।
जिंदा रहकर जो जी न सके,
वही जीवन की असली हार है।
पनीर न सही तो दाल सही,
हर हाल में मुस्कान रहे।
गाड़ी नहीं तो पैदल सही,
मन में संतोष महान रहे।
कोई साथ न दे तो क्या,
अकेलेपन में भी जान रहे।
जिसे देख न पाओ तुम,
उसकी आवाज ही पहचान रहे।
संकल्प यही, हर मन मुस्काए,
सर्वे भवन्तु सुखिनः गूंज जाए।