कुछ रिश्ते अनमोल रत्न से,
कुछ जीवन के मधुर धन से।
ये भावों के सच्चे मोती,
मन की थाली में जैसे ज्योति।
हर धड़कन में एहसास बसे,
सपनों के मीठे सुवास बसे।
जो दिल के बेहद पास रहें,
वो जीवन भर खास रहें।
कुछ रिश्ते नाम बिना खिलते,
सूखे वन में जैसे फूल मिलते।
कभी दोस्ती की छाँव बनें,
कभी प्रेम की नाव बनें।
इनसे जीवन अर्थ पाता,
सूना मन भी हर्षित गाता।
संग इनके दुःख हल्का होता,
बंजर में जैसे सावन होता।
रंग खुशी के ये भरते हैं,
सूने पल भी ये सजते हैं।
कुछ रिश्ते वरदान लगें,
जन्नत के समान लगें।
सच्चे भावों की गोद में पलते,
विश्वास के दीप सदा जलते।
इनसे ही जीवन गूंजता है,
अनमोल रिश्ता ही पूजता है।