माँ की ममता सबसे न्यारी,
हर दुख में बनती वह सहारा।
प्यार लुटाए, दीप जलाए,
जीवन कर दे उजियारा।
बहन-बेटी बन दे दुलार,
घर-आँगन में घोले बहार।
प्यार का सागर, ममता गंगा,
हर रिश्ते में अनुपम प्यार।
जय हो नारी, शक्ति तुम्हारी,
तुमसे है संसार सारा।
सरस्वती बन विद्या देती,
लक्ष्मी बन भरती भंडारा।
दुर्गा बन साहस जगाती,
अन्याय से लड़े निरंतर।
जब-जब संकट घिर आए,
बन जाए रण की रणचंडी प्रखर।
सहनशीलता की मूर्ति तुम,
करुणा का पावन विस्तार।
त्याग-तपस्या की ज्योति जलाए,
हर पथ कर दे साकार।
माँ बन जीवन को संवारो,
संगिनी बन दो आधार।
बेटी बन आशा जगाओ,
बहन बनो सुख का संसार।
हर रूप में तुम पूजनीय,
स्नेह-प्रेम की सूरत।
विश्व नारी दिवस की बेला,
स्वीकारो शत-शत वंदन-स्मृत।