धनवान वही नहीं जिसके पास खजाने हों
जो दिलों में बस जाएँ वही असली ठिकाने हों
नोटों की गड्डियाँ अक्सर शोर मचाती हैं
लेकिन रिश्तों की खुशबू चुपके से मुस्काती है
तिजोरी भले खाली हो, पर दिल अमीर होना चाहिए
हर इंसान से प्यार का जज़्बा ज़रूर होना चाहिए
शनि का भारी साया जब मन पर छा जाए
मेहनत भी डरकर कहीं पीछे रह जा
दिमाग में मनी का लालच घर ना बनाए
वरना शांति का दीपक धीरे-धीरे बुझ जाए
जीवन में दुश्मनी का बीज जो बोता है
वही इंसान हर पल अंदर से रोता है
रिश्तों की डोर को कभी कमजोर ना करना
सच्चे साथियों से खुद को दूर ना करना
अहंकार के रास्ते अक्सर वीरान होते हैं
जहाँ प्रेम हो, वहीं जीवन आसान होते है
धन आता है और चला भी जाता है
पर अपनापन हमेशा साथ निभाता है
खुशियों का असली घर दिल के अंदर है
प्रेम ही जीवन का सबसे सुंदर मंदिर है
वही धनवान है जो दिल से धनी कहलाए
जिसके आँगन में रिश्तों का उजाला मुस्काए