इच्छाएँ और आवश्यकताएँ कभी पूरी नहीं होती
मन की प्यास भी आसानी से शांत नहीं होती
नींद भी जीवन में अधूरी सी रह जाती है
सपनों की दुनिया कहीं दूर चली जाती है
जो जितनी सुविधा में जीवन बिताता है
उतनी ही दुविधाओं में खुद को पाता है
सुख और दुख का खेल चलता ही रहता है
मनुष्य अपने भ्रम में उलझता ही रहता है
इच्छाओं का अंत कभी दिखाई नहीं देता
लालच का बीज मन से आसानी नहीं मिटता
संतोष ही जीवन का सबसे बड़ा धन है
यही सच्चे सुख का अमृत वचन है
जरूरतों को सीमित करना सीखते जाओ
अपने मन को शांत रखना अपनाते जाओ
साधारण जीवन ही सुंदरता लाता है
यही रास्ता खुशियों तक ले जाता है
जो संतोष में अपना जीवन बिताता है
वही सच्चा आनंद हर दिन पाता है।