आपकी पहचान अपनों के रिश्तों से होती है
सिर्फ बड़े मकान और धन-दौलत से नहीं होती है
व्यक्तित्व की पहचान विनम्रता से बनती है
अभिमान की राह जीवन को अंधकार देती है
अपनों के दिल में जगह बनाते चलो
मीठे शब्दों से रिश्तों को सजाते चलो
अहंकार को कभी मन में मत बसाना
सादगी को अपनी ताकत बनाना
मकान बड़े होने से सम्मान नहीं मिलता
दिल बड़ा हो तो जीवन आसान बनता
जो दूसरों का सम्मान करना जानते हैं
वही सच्चे इंसान कहलाते हैं
विनम्रता ही सबसे सुंदर आभूषण है
यही जीवन का सच्चा प्रदूषण रहित भूषण है
अपने स्वभाव को हमेशा सरल रखना
सच्चाई की राह पर कदम बढ़ाते रखना
अभिमान इंसान को नीचे गिरा देता है
और विनम्र स्वभाव ऊँचा उठा देता है
अच्छे कर्मों से पहचान बनती है
यही जीवन की सबसे बड़ी पूँजी होती है।