प्रतिभा ईश्वर का दिया हुआ उपहार होती है
नत मस्तक रहना ही सच्ची पहचान होती है
ख्याति समाज के सम्मान से मिलती है
आभार व्यक्त करना ही महानता कहती है
ज्ञान और योग्यता पर गर्व कभी मत करना
अच्छे कर्मों से जीवन को सजाते रहना
सफलता जब मिले तो विनम्र बने रहना
अपने मन को अहंकार से दूर ही रखना
मनोवृत्ति और घमंड स्वयं से ही आते हैं
धीरे-धीरे इंसान को अंधकार में ले जाते हैं
अपनी सोच को हमेशा पवित्र बनाए रखना
सच्चाई की राह पर कदम बढ़ाए रखना
जीवन में संतुलन सबसे जरूरी होता है
विनम्र स्वभाव ही सबसे सुंदर होता है
दूसरों का सम्मान करना सीखते जाना
प्रेम और सेवा का दीप जलाते जाना
प्रतिभा मिले तो ईश्वर का धन्यवाद करना
ख्याति मिले तो समाज का आदर करना।