क्यों रोक रखा है तूने खुद को अपने ही भीतर कहीं,
जब जीवन की राहें तेरे लिए खुली हुई हैं वहीं।
क्यों डर के साए में अपने सपनों को खोता जाता है,
जब किस्मत का सूरज तेरे साथ ही चलता जाता है।
अस्तित्व यही चाहता है कि तू मुस्कुराता रहे,
आँखों में चमक और दिल में विश्वास सजाता रहे।
जीवन किसी कैद की तरह नहीं होता है कभी,
यह तो एक पवित्र प्रकाश का सुंदर मार्ग है सभी।
अपने कदमों को अब आगे बढ़ाना सीख ले,
अपनी सोच को भी ऊँची उड़ान देना सीख ले।
दुनिया में जो कुछ भी तू खोजता फिरता है,
पहले अपने भीतर ही उसे पहचानना सीख ले।
डर को अपने मन से धीरे-धीरे हटाते चल,
सपनों की राह पर साहस को साथ ले चलते चल।
हर असफलता भी एक नया सबक सिखाती है,
हर गिरना ही उठने की शक्ति जगाती है।
तू खुद अपनी मंज़िल का निर्माण कर सकता है,
अपने कर्मों से नया इतिहास रच सकता है।
किसी और की राह पर चलना जरूरी नहीं,
अपनी पहचान ही जीवन की असली कहानी है।
इसलिए खुद पर भरोसा करना कभी मत छोड़ना,
सपनों की डोर को मजबूती से थामे रखना।
जो ढूँढ रहा है तू बाहर दुनिया के मेले में,
उसे पहले अपने अंदर ही खोजते रहना।