उदासी के सन्नाटों में दिल धीरे-धीरे घबराता है,
हर धड़कन का अर्थ कहीं खोया-सा नजर आता है।
जब जीवन की राहों पर अंधकार घिरने लगता है,
मौत का विचार चुपके से मन को छूने लगता है।
चेहरे की मुस्कानें भी धीरे-धीरे खोने लगती हैं,
खुशियों की परछाइयाँ कहीं दूर जाने लगती हैं।
तन्हाई जब मन के ऊपर चादर बनकर छा जाती है,
उदासी के क्षणों में मौत की याद आ जाती है।
कदम भी रुक जाते हैं और साँसें भारी होने लगती हैं,
आँखों में भीगी-भीगी सी बातें बसने लगती हैं।
टूटे हुए सपनों की आवाज़ जब लौटकर आती है,
मन की शक्ति कहीं दूर छुपकर सो जाती है।
पर हर रात के बाद एक नया सवेरा भी आता है,
हर टूटे दिल में जीवन का दीप फिर जल जाता है।
मौत का विचार कमजोर क्षणों में साथ निभाता है,
पर जीवन का साथ पकड़ो तो सब बदल जाता है।
उदासी की गहराई भी एक दिन कम हो जाती है,
टूटी हुई आशा फिर से साँसें भर पाती है।
मौत की याद आए तो मन को डरने मत देना,
जीवन की रोशनी को कभी भी कम होने मत देना।
अंधकार चाहे जितना भी गहरा क्यों न हो जाए,
सूरज का उजाला फिर एक दिन लौटकर आए।
इसलिए जीवन को हमेशा आगे बढ़ाते रहना,
हर दुख के बाद खुशी को अपनाते रहना।