अस्तित्व मधुर स्वर में मन को पुकारता रहता है,
“जागो मानव, खुशियों को जीवन में चुनते रहना।”
आकाश, पवन और सितारों की चमक साथ तुम्हारे है,
हर पल, हर क्षण प्रकृति का आशीर्वाद तुम्हारे है।
पर मन ही खुद अपने सामने दीवार खड़ी कर लेता है,
डर के साए में उम्मीद का दीप भी बुझा देता है।
हम दुनिया को अपने दुखों का कारण बताने लगते हैं,
पर सच यही है कि मन ही सबसे बड़ा शत्रु बन जाते हैं।
हर नया सवेरा जीवन में अवसर लेकर आता है,
टूटे हुए सपनों को फिर से जोड़कर दिखलाता है।
जो कुछ बिखर गया है, उसे फिर सँवार सकता है,
जीवन का नया अध्याय फिर से रच सकता है।
जीवन का सच्चा संगीत खुशी से ही शुरू होता है,
जब दिल में प्रेम और उमंग का दीप जलता होता है।
अंधकार चाहे कितना भी गहरा क्यों न छा जाए,
सूरज फिर भी हर सुबह नया उजाला लाए।
अपनी सोच को सकारात्मक दिशा में मोड़ते जाना,
छोटी-छोटी खुशियों में जीवन को ढालते जाना।
मन के भीतर बसे डर को धीरे-धीरे हराना,
साहस और विश्वास को अपना साथी बनाना।
याद रखो जीवन का सार सरलता में छुपा रहता है,
खुश रहने का रहस्य अपने भीतर ही बसता है।
हर दिन नया अवसर है, इसे स्वीकार करते चलो,
अस्तित्व की पुकार को मन से साकार करते चलो।