लघु कथा – 72

शरद एक सीधा-सादा लड़का था। माँ-बाप ने उसे सिखाया था—सच बोलो, मेहनत करो, और किसी का दिल मत दुखाओ। पर जब वह कॉलेज पहुँचा, तो उसकी दुनिया बदलने लगी। वहाँ दोस्त ऐसे मिले जो हर नियम को मज़ाक समझते थे—कभी क्लास से भागना, कभी नकल करना, कभी दूसरों का मज़ाक उड़ाना।
शरद का मन कई बार कहता, “यह ठीक नहीं है।” पर दोस्त हँसते—
“ज़्यादा सोचता है तू, ज़िंदगी मज़े के लिए है।”
शरद उनकी बातों में आ गया। पहली बार उसने नकल की, तो दिल जोर से धड़का। उसे लगा जैसे भीतर कोई कह रहा हो—“रुक जा।” पर उसने उस आवाज़ को दबा दिया। अगली बार डर कम हुआ। फिर आदत बन गई।
धीरे-धीरे वह क्लास छोड़ने लगा, झूठ बोलने लगा, और घर में भी बहाने बनाने लगा। माँ जब पूछती, “सब ठीक तो है?” तो वह मुस्कुरा कर कह देता, “हाँ, माँ।” पर उसकी अन्तरात्मा हर रात उसे जगाती—
“तू वो नहीं बन रहा, जो बन सकता था।”
एक दिन उसके दोस्तों ने कहा, “चल, इस बार परीक्षा में बड़ा खेल करते हैं। पेपर पहले मिल जाएगा।”
शरद का दिल काँप गया। भीतर से आवाज़ आई—“अब भी रुक जा।”
पर उसने दोस्तों की तरफ़ देखा—सब हँस रहे थे। उसने खुद से कहा, “एक बार और सही।”
परीक्षा वाले दिन पकड़े गए। कॉलेज में हंगामा मच गया। सबके सामने नाम लिया गया। शरद का सिर झुक गया। उसे लगा जैसे उसकी सारी मेहनत, उसके माँ-बाप का भरोसा—सब टूट गया।
घर पहुँचा तो माँ दरवाज़े पर खड़ी थी। खबर पहले ही पहुँच चुकी थी। माँ ने कुछ नहीं कहा, बस उसकी आँखों में देखा। शरद फूट-फूट कर रो पड़ा।
“माँ, मैं गलत राह पर चला गया।”
उस रात वह सो नहीं पाया। उसकी अन्तरात्मा फिर बोली—
“मैं तो पहले दिन से कह रही थी। तूने सुना क्यों नहीं?”
कॉलेज से उसे एक साल के लिए निकाल दिया गया। दोस्त गायब हो गए। जो कल तक साथ थे, आज फोन भी नहीं उठाते थे। शरद समझ गया—वे दोस्त नहीं थे, बस रास्ते के साथी थे।
उस साल उसने खुद से वादा किया—अब किसी की नहीं, सिर्फ़ अपनी अन्तरात्मा की सुनेगा। उसने फिर से पढ़ाई शुरू की, मेहनत की, गलतियों को सुधारा। जब मन भटकता, वह आँख बंद कर पूछता—“यह सही है या गलत?” और जो जवाब भीतर से आता, उसी पर चलता।
एक साल बाद वह फिर कॉलेज लौटा—शर्म के साथ, पर नई ताक़त के साथ। इस बार वह अकेला था, पर साफ़ दिल से। वह पास हुआ, अच्छे नंबरों से। माँ ने उसका माथा चूमा और कहा, “अब तू मेरा वही बेटा है।”
शरद मुस्कुराया। उसे देर से सही, पर समझ आ गया था—
आपकी अन्तरात्मा एक अच्छी मित्र है, उसकी ओर अधिक ध्यान दें।

Published by

Unknown's avatar

Rajeev Verma

Thanks For watching. Note:- ALL THE IMAGES/PICTURES SHOWN IN THE VIDEO BELONGS TO ME. I AM THE OWNER OF ANY PICTURES SHOWED IN THE VIDEO ! DISCLAIMER: This Channel DOES NOT Promote or encourage Any illegal activities , neither any services of any child is taken in this video making, all contents provided by this Channel is meant for Sharing Knowledge and awareness for health only . Rajeev Verma #HealthyFeasting. I Loves to post videos on Preventive Health Maintenance Food Recipes. Subscribe my YouTube Channel NOW. http://www.youtube.com/c/HealthyFeasting

Leave a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.