बेटा,
आज मैं तुम्हें एक बात बताना चाहता हूँ, जो मेरे जीवन की कई कठिन परिस्थितियों में मुझे हमेशा मार्गदर्शन देती रही। कहते हैं, “अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता।” हाँ, यह सच है। अकेले इंसान से हर बड़ा काम नहीं हो सकता। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अकेला व्यक्ति कोई फर्क नहीं ला सकता। कभी-कभी, सही समय और सही दिशा में की गई छोटी कोशिशें भी बड़ी हलचल पैदा कर सकती हैं।
याद है, जब मैं तुम्हारी उम्र का था, तब मैं भी अक्सर यही सोचता था कि मेरे छोटे-छोटे प्रयासों का कोई महत्व नहीं। मैं अकेला पढ़ता, अकेला मेहनत करता, और अकेले ही अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता। कई बार ऐसा लगता कि ये प्रयास व्यर्थ हैं, कि मैं कुछ भी बड़ा नहीं कर पाऊँगा। लेकिन धीरे-धीरे मैंने यह समझा कि छोटी-छोटी कोशिशें ही हमें बड़ी मंज़िलों तक पहुँचाती हैं।
एक समय की बात है। हमारे गाँव में एक पुराना तालाब था, जो लंबे समय से सूख रहा था। लोग कहते थे कि इसे भरना असंभव है। मैंने सोचा, “मैं अकेला कुछ करूँगा तो क्या होगा?” लेकिन फिर भी मैंने रोज़ छोटी-छोटी कोशिशें शुरू कीं। मैंने एक-एक बाल्टी पानी डालना शुरू किया, मिट्टी हटा कर रास्ता साफ किया, और दूसरों को भी प्रेरित करने की कोशिश की। पहले तो कोई भी मेरी बात नहीं सुनता था, लेकिन मेरी निरंतरता और मेहनत धीरे-धीरे लोगों का ध्यान खींचने लगी। कुछ महीनों में, कई लोग मेरी मदद करने लगे, और अंततः तालाब में पानी आ गया।
बेटा, यही जीवन की सच्चाई है। बड़े परिवर्तन अक्सर छोटी शुरुआत से ही होते हैं। यदि तुम सही दिशा में लगातार प्रयास करते रहो, तो एक दिन तुम्हारे छोटे कदम भी बड़ी हलचल पैदा कर देंगे। जीवन में तुम्हारे सामने मुश्किलें आएँगी। लोग कहेंगे कि तुम अकेले कुछ नहीं कर सकते। लेकिन याद रखना – वही अकेला चना, जिसे लोग नजरअंदाज करते हैं, कभी-कभी सबसे बड़ी हलचल पैदा करता है।
इसलिए, बेटा, अपने प्रयासों को कभी कम मत आंकना। छोटे कदम भी सही दिशा में सही समय पर बहुत कुछ बदल सकते हैं। तुम्हारी निरंतरता, तुम्हारा धैर्य, और तुम्हारा आत्मविश्वास तुम्हारे सपनों को सच कर सकते हैं। याद रखना कि अकेला चना भले ही भाड़ न फोड़ सके, लेकिन हलचल तो पैदा कर ही सकता है। और वही हलचल जीवन में बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकती है।
तो हमेशा अपने प्रयासों में विश्वास रखो। कभी भी हार मत मानो। एक छोटे-से कदम की ताकत को कभी कम मत समझो। सही दिशा में बढ़ते रहो, और एक दिन देखोगे कि वही छोटी शुरुआत तुम्हारे जीवन में बड़ी सफलता लेकर आई है।
तुम्हारा पिता