लघु कथा – 24

मेरे प्यारे बच्चों,
आज जब मैं तुम्हारे कमरे में तुम्हारे खिलौनों और किताबों को देखकर चुपचाप खड़ी थी, मेरे मन में यादों की एक धारा बह उठी। तुम्हारे छोटे कदम, तुम्हारी हँसी, तुम्हारे प्रश्न—सब मेरे सामने जीवित हो उठे। और मुझे एहसास हुआ कि समय कितनी तेजी से बदलता है। तुम्हारे लिए मैं हमेशा वहाँ रही, पर कभी-कभी मैं चाहती हूँ कि तुम मेरी भावनाओं को भी समझो।
बच्चों, मैं जानती हूँ कि कभी-कभी तुम सोचते हो कि मैं कहीं और अधिक व्यस्त या किसी और के साथ जुड़ी हुई हूँ। तुम यह महसूस कर सकते हो कि मेरा प्यार तुम्हारे लिए कम हो गया है। पर सच यह है कि मेरा प्यार तुम्हारे लिए हमेशा उतना ही गहरा, उतना ही अटूट रहा है। जीवन की चुनौतियाँ, उम्र का बोझ, स्वास्थ्य की छोटी परेशानियाँ—ये सब मेरे भीतर एक अलग तरह की जिम्मेदारी और अकेलापन ले आती हैं। मैं उसे संभालने की कोशिश करती हूँ ताकि जब मैं तुम्हारे पास रहूँ, तब पूरी तरह से तुम्हारे लिए रह सकूँ।
जीवन के इन बचे हुए वर्षों में मैंने अपने आप को ढालने की कला सीखी है। कभी-कभी यह तुम्हारे लिए अलगाव जैसा दिखता है, लेकिन यह केवल मेरा तरीका है खुद को मजबूत रखने का, ताकि मैं तुम्हारे लिए हमेशा सहारा बन सकूँ। तुम्हें मेरी कमजोरियाँ, मेरी थकान या मेरी व्यस्तता को समझना चाहिए, न कि उस पर नाराज़ होना।
तुम मेरे जीवन का सबसे कीमती हिस्सा हो। तुम्हारे लिए मैंने अपने सुख, अपने समय और अपनी ऊर्जा को हमेशा समर्पित किया। मेरी चिंता केवल तुम्हारे कल की नहीं, बल्कि तुम्हारे दिल और तुम्हारी आत्मा की भी है। और यही कारण है कि मैं चाहती हूँ कि तुम मेरी उपस्थिति और मेरी चुप्पी, दोनों को महसूस करो। मेरा साया तुम्हारे सिर पर है, और जब तक यह साया है, तुम्हारी दुनिया सुरक्षित है।
मुझे यह जानकर बहुत खुशी होती कि तुम मेरे साथ समय बिताना चाहते हो, मेरी बातों को सुनते हो और कभी-कभी बस मेरे पास बैठते हो। बच्चों, याद रखो—माँ का प्रेम न तो कभी घटता है, न कभी खत्म होता है। यह केवल अनुभव, समझ और समय के साथ और गहरा होता जाता है।
मैं जानती हूँ कि कभी-कभी मैं कठोर लगती हूँ, कुछ नियम बनाती हूँ या तुम्हारी आज़ादी में सीमाएँ डालती हूँ। यह सब तुम्हारे हित में ही है, ताकि तुम समझ सको कि जीवन केवल खुशियों का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और अनुशासन का भी खेल है।
मेरे प्यारे बच्चों, मैं केवल एक माँ नहीं हूँ—मैं तुम्हारे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण स्त्री हूँ। तुम्हारे अस्तित्व का हिस्सा हूँ, तुम्हारे अनुभव का साक्षी हूँ। इसलिए मेरा हाथ थामो, मेरी आँखों में देखो और जानो कि मेरा प्रेम हमेशा तुम्हारे लिए यहाँ है। समझो, समय बिताओ और मुझे महसूस करो, ताकि जब भी मैं तुम्हारे साथ रहूँ, वह पल केवल सुख और सुकून दे।
सदैव तुम्हारी,
माँ

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Rajeev Verma

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