जब तुम हँसते हो,
तो ज़ख़्म चुपचाप
अपनी कहानी बदलने लगते हैं।
दर्द समझ जाता है—
अब वह अकेला राजा नहीं रहा।
हँसी कोई मज़ाक नहीं,
यह भीतर की सबसे गहरी दवा है,
जो बिना पर्चे के
सीधे आत्मा तक पहुँचती है।
कभी ध्यान देना—
टूटे हुए लोग
सबसे सुंदर मुस्कान रखते हैं,
क्योंकि उन्होंने
आँसुओं का स्वाद चख रखा होता है।
हँसी हार का इनकार नहीं,
यह स्वीकार है—
कि मैं गिरा था,
पर वहीं रुक नहीं गया।
जब हँसी आती है,
तो साँसें हल्की हो जाती हैं,
कंधों पर रखा बोझ
कुछ पल के लिए
ज़मीन पर उतर आता है।
डर पीछे हटता है,
उम्मीद आगे बढ़ती है,
और जीवन
फिर से चलने की जगह
नाचने लगता है।
तुम्हें पूरी तरह ठीक होने की
ज़रूरत नहीं होती
हँसने के लिए,
बस एक छोटा-सा विश्वास काफ़ी है—
कि अँधेरा स्थायी नहीं होता।
एक मुस्कान
एक शुरुआत है,
एक ठहाका
एक क्रांति।
क्योंकि जिस दिन तुम हँसते हो,
उसी दिन
तुम टूटने के बजाय
जुड़ना शुरू करते हो।
तो हँसो—
आज, अभी, बिना वजह।
क्योंकि याद रखो—
Once You Start Laughing,
You Start Healing.