अपने प्रयासों का सम्मान करें

राजीव वर्मा


जीवन कभी भी एक सीधी, आसान और निश्चित राह नहीं होता। यह उतार–चढ़ाव, संघर्ष, रुकावटों और अनिश्चितताओं से भरा होता है। कई बार ऐसा समय आता है जब आगे बढ़ना कठिन लगने लगता है, जब मन थक जाता है और आत्मविश्वास डगमगाने लगता है। ऐसे क्षणों में सबसे ज़रूरी बात यह होती है कि हम पीछे मुड़कर देखें और याद करें कि हम यहाँ तक पहुँचने के लिए रोज़ कितनी मेहनत करते आए हैं। जब आगे बढ़ना मुश्किल लगे, तब यह कभी न भूलें कि आज जहाँ आप खड़े हैं, वहाँ पहुँचने के लिए आपने प्रतिदिन कितना प्रयास किया है।


हम एक ऐसे समाज में रहते हैं जहाँ सफलता को केवल परिणामों से मापा जाता है—पद, पैसा, प्रसिद्धि और प्रशंसा से। लेकिन उन अनगिनत छोटे–छोटे प्रयासों की कोई चर्चा नहीं होती, जो इन परिणामों की नींव बनते हैं। रोज़ समय पर उठना, जिम्मेदारियाँ निभाना, टूटकर भी खुद को संभालना और बिना किसी सराहना के आगे बढ़ते रहना—यही असली संघर्ष है, यही असली सफलता है।


अदृश्य मेहनत भी मेहनत होती है
आपकी ज़िंदगी में की गई बहुत सी मेहनत ऐसी है, जिसे न कोई देख पाया और न किसी ने सराहा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह मेहनत कम मूल्यवान थी। कई बार आपने मुस्कुराकर दिन काटा, जबकि भीतर से आप थके हुए थे। कई बार आपने हार मानने का मन होने पर भी खुद को संभाला और आगे बढ़ते रहे। यह अदृश्य संघर्ष ही आपके चरित्र की असली पहचान है।


जो व्यक्ति बिना तालियों के भी अपने कर्तव्य निभाता है, वही वास्तव में मजबूत होता है। आपने ऐसे कई दिन देखे होंगे जब केवल आगे बढ़ते रहना ही आपकी सबसे बड़ी जीत थी। यही अनुभव आज आपको मानसिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाता है।


विकास हमेशा आरामदायक नहीं होता
आगे बढ़ने की प्रक्रिया अक्सर असहज होती है। विकास का अर्थ है—अपने पुराने रूप को पीछे छोड़ना, अपनी सीमाओं से बाहर निकलना और अनजानी राहों पर चलना। इस दौरान डर, संदेह और असुरक्षा का आना स्वाभाविक है। कई बार ऐसा लगता है कि हम सही दिशा में हैं भी या नहीं।
लेकिन याद रखें—असुविधा असफलता का संकेत नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि आप बदल रहे हैं, बढ़ रहे हैं। यदि आप अपने जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को देखें, तो पाएँगे कि वे सभी किसी न किसी संघर्ष के बाद ही मिली हैं। चुनौतियों ने ही आपको मजबूत बनाया, गलतियों ने ही आपको समझदार बनाया।


आप जितना सोचते हैं, उससे कहीं अधिक हासिल कर चुके हैं
मनुष्य की एक आदत होती है—अपनी उपलब्धियों को कम आँकना। जो कभी बहुत मुश्किल लगता था, वह आज सामान्य लगने लगता है, क्योंकि हमने उसे पार कर लिया होता है। आपने जिन परिस्थितियों से खुद को निकाला, जिन डर को आपने हराया, वे आपकी बड़ी उपलब्धियाँ हैं।
आपकी सफलता केवल बाहरी उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। भावनात्मक परिपक्वता, आत्मसम्मान, सही और गलत के बीच समझ, रिश्तों में सीमाएँ तय करना—ये सब भी बड़ी उपलब्धियाँ हैं। खुद को टूटने से बचाना, बार–बार खुद को संभालना और फिर खड़ा होना—यह आसान नहीं होता, और आपने यह किया है।


आगे बढ़ते रहने का साहस
जब सब कुछ छोड़ देना आसान लगे, तब भी चलते रहना असली साहस है। अनिश्चित भविष्य के बावजूद प्रयास करते रहना हर किसी के बस की बात नहीं होती। बहुत से लोग इसलिए पीछे रह जाते हैं क्योंकि वे अपनी सहनशक्ति को कम आँक लेते हैं।


आपने रुकने का विकल्प नहीं चुना। आपने धीरे–धीरे, लड़खड़ाते हुए ही सही, लेकिन आगे बढ़ना जारी रखा। कुछ दिन ऐसे भी आए होंगे जब केवल ज़िंदा रहना ही आपकी सबसे बड़ी जीत थी। और यह भी पर्याप्त है।
याद रखें—आप शून्य से शुरुआत नहीं कर रहे हैं। आप अनुभव से आगे बढ़ रहे हैं। आपने जो सीखा है, जो सहा है, वही आज आपकी सबसे बड़ी पूँजी है।


खुद पर गर्व करना सीखिए
अक्सर लोगों को लगता है कि खुद पर गर्व करना घमंड है, लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। खुद पर गर्व करना मतलब—अपने प्रयासों को पहचानना, अपनी यात्रा का सम्मान करना और खुद की कद्र करना।


आपको अपने साहस पर गर्व होना चाहिए। उन दिनों पर गर्व होना चाहिए जब आपने नकारात्मकता के बजाय शांति को चुना। जब आपने दूसरों को खुश करने से ज़्यादा खुद की इज़्ज़त को महत्व दिया। जब आपने डर के बावजूद सही कदम उठाए।


जब आप खुद का सम्मान करते हैं, तो आप गलत जगहों से मान्यता ढूँढना बंद कर देते हैं। आत्मसम्मान ही आपको सही फैसले लेने और बेहतर जीवन जीने की शक्ति देता है।


आगे बढ़ने के लिए पीछे देखना ज़रूरी है
अतीत को याद करना पीछे लौटना नहीं होता। यह अपनी शक्ति को पहचानने का एक तरीका है। जब आगे का रास्ता धुंधला लगे, तब पीछे देखना आपको यह याद दिलाता है कि आपने पहले भी मुश्किलें झेली हैं—और उनसे बाहर आए हैं।


आपके जीवन का हर अध्याय—चाहे वह सुखद रहा हो या पीड़ादायक—आपको आज का इंसान बनाने में सहायक रहा है। आपकी गलतियाँ आपको बेहतर निर्णय लेने सिखाती हैं, और आपके संघर्ष आपको मजबूत बनाते हैं।


अपने प्रयासों को सम्मान दें
जब भी आप थक जाएँ, निराश हों या रास्ता कठिन लगे, तब एक पल रुककर अपनी यात्रा को याद करें। उन अनगिनत प्रयासों को याद करें, जो आपने हर दिन किए—बिना किसी गारंटी के, बिना किसी प्रशंसा के। आपने बहुत कुछ हासिल किया है—इसलिए नहीं कि रास्ता आसान था, बल्कि इसलिए क्योंकि आपने हार नहीं मानी। आपकी कहानी केवल आपकी वर्तमान स्थिति से नहीं, बल्कि आपकी निरंतर कोशिशों से बनती है। खुद पर गर्व करें—सिर्फ़ इस बात पर नहीं कि आपने क्या पाया, बल्कि इस बात पर भी कि आप किस तरह के इंसान बने। जो शक्ति आपको यहाँ तक लाई है, वही शक्ति आपको आगे भी ले जाएगी।

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Rajeev Verma

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