राजीव वर्मा
व्यक्तिगत स्वच्छता की बात आते ही हम नहाना, दाँत साफ करना, हाथ धोना और साफ कपड़े पहनना याद रखते हैं, लेकिन एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाता है—अंडरवियर की स्वच्छता। जबकि शरीर का सबसे संवेदनशील और संक्रमण-प्रवण भाग इसी कपड़े के संपर्क में रहता है। अंडरवियर की गलत आदतें न केवल असहजता पैदा करती हैं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को भी जन्म दे सकती हैं।
व्यक्तिगत स्वच्छता की बात आते ही हम नहाना, दाँत साफ करना, हाथ धोना और साफ कपड़े पहनना याद रखते हैं, लेकिन एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाता है—अंडरवियर की स्वच्छता। जबकि शरीर का सबसे संवेदनशील और संक्रमण-प्रवण भाग इसी कपड़े के संपर्क में रहता है। अंडरवियर की गलत आदतें न केवल असहजता पैदा करती हैं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को भी जन्म दे सकती हैं।
अंडरवियर की भूमिका और महत्त्व
अंडरवियर शरीर और बाहरी कपड़ों के बीच एक सुरक्षा परत की तरह काम करता है। यह पसीना, मूत्र के अंश, जननांग स्राव और बैक्टीरिया को अवशोषित करता है। यदि यह कपड़ा साफ न हो, सही सामग्री का न हो या लंबे समय तक बदला न जाए, तो यह बैक्टीरिया और फंगस के लिए आदर्श वातावरण बना देता है।
रोज़ न बदलना: सबसे आम गलती
कई लोग अंडरवियर को दो–तीन दिन तक पहन लेते हैं, विशेषकर ठंड के मौसम में। यह आदत बेहद नुकसानदायक है। पसीना और नमी बैक्टीरिया को तेजी से बढ़ने में मदद करते हैं, जिससे खुजली, दुर्गंध, रैशेज़ और फंगल संक्रमण हो सकता है। अंडरवियर रोज़ बदलना उतना ही आवश्यक है जितना रोज़ नहाना।
गलत कपड़े का चयन
सिंथेटिक या बहुत टाइट अंडरवियर हवा के प्रवाह को रोकते हैं। इससे नमी फँस जाती है और त्वचा सांस नहीं ले पाती। कपास (Cotton) से बने अंडरवियर सबसे उपयुक्त माने जाते हैं क्योंकि वे पसीना सोखते हैं और हवा का संचार बनाए रखते हैं। महिलाओं और पुरुषों—दोनों के लिए सही साइज और आरामदायक फिट बहुत ज़रूरी है।
धोने की गलत आदतें
अंडरवियर को सामान्य कपड़ों के साथ धो देना एक बड़ी भूल है। इनमें मौजूद बैक्टीरिया अन्य कपड़ों में फैल सकते हैं। अंडरवियर को अलग से, गुनगुने पानी और हल्के डिटर्जेंट से धोना चाहिए। अत्यधिक खुशबूदार या हार्श केमिकल वाले साबुन त्वचा में एलर्जी और जलन पैदा कर सकते हैं।
पूरी तरह सुखाना न करना
नमी फंगस की सबसे बड़ी मित्र है। कई लोग अंडरवियर को अधूरा सुखाकर पहन लेते हैं या बाथरूम में टाँग देते हैं जहाँ धूप नहीं पहुँचती। ऐसा करने से फंगल इंफेक्शन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अंडरवियर को हमेशा धूप में अच्छी तरह सुखाना चाहिए।
लंबे समय तक पुराने अंडरवियर पहनना
अंडरवियर की भी एक उम्र होती है। समय के साथ कपड़े के रेशे टूटने लगते हैं और उसमें बैक्टीरिया जमा होने लगते हैं, चाहे वह कितना भी धोया गया हो। सामान्यतः हर 6–9 महीने में अंडरवियर बदल देना चाहिए।
महिलाओं से जुड़ी विशेष सावधानियाँ
महिलाओं में गलत अंडरवियर हाइजीन से यूटीआई, यीस्ट इंफेक्शन और असामान्य डिस्चार्ज जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। मासिक धर्म के दौरान अंडरवियर और सैनिटरी उत्पादों को बार-बार बदलना अत्यंत आवश्यक है। रात में बहुत टाइट अंडरवियर पहनने से बचना चाहिए।
पुरुषों के लिए भी उतना ही ज़रूरी
पुरुषों में अंडरवियर स्वच्छता की अनदेखी से जॉक इच, फंगल इंफेक्शन और बदबू जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। लंबे समय तक गीला या पसीने वाला अंडरवियर पहनना प्रजनन स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है।
बच्चों और किशोरों की स्वच्छता
बच्चों और किशोरों को अंडरवियर हाइजीन की आदत बचपन से ही सिखानी चाहिए। उन्हें रोज़ बदलने, सही तरीके से धोने और साफ रखने का महत्व समझाना चाहिए, ताकि आगे चलकर स्वास्थ्य समस्याएँ न हों।
अंडरवियर स्वच्छता कोई छोटी या शर्म की बात नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और आराम से सीधे जुड़ी हुई है। जिस तरह हम साफ शरीर और साफ कपड़ों पर ध्यान देते हैं, उसी तरह अंडरवियर की स्वच्छता को भी अपनी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाना चाहिए। छोटी-छोटी सावधानियाँ बड़ी बीमारियों से बचा सकती हैं।