प्रक्रिया पर भरोसा करें, धैर्य रखें और ऊँची उड़ान भरने के लिए तैयार रहें

राजीव वर्मा

ज़िन्दगी एक अनोखे तरीके से हमें सिखाती है — कभी शांति से और कभी ऐसे पलों से जो हमें भारी या निराश महसूस करवाते हैं। जब चीज़ें हमारी उम्मीदों के मुताबिक नहीं होतीं, तो अक्सर हमारा पहला कदम खुद पर शक करना या रुक जाना होता है। लेकिन सच्चाई यह है कि असफलताएँ हमेशा रुकने का संकेत नहीं होतीं। कई बार, वे इस बात का संकेत होती हैं कि हमें आगे बढ़ने के लिए तैयार किया जा रहा है — कुछ बड़ा, कुछ बेहतर, और कुछ बेहद अर्थपूर्ण के लिए।

हम एक ऐसी दुनिया में जीते हैं जहाँ केवल परिणामों की प्रशंसा होती है — सफलता, उपलब्धियाँ, प्रगति और लक्ष्य। लेकिन बहुत कम लोग संघर्ष की प्रक्रिया का जश्न मनाते हैं — वह चुपचाप की गई मेहनत, प्रतीक्षा, संदेह के पल, धैर्य और वह विकास जो दिखाई नहीं देता पर लगातार चलता रहता है। असली सफलता एक पल में नहीं मिलती — वह बनती है प्रयासों, समय, धैर्य और निरंतरता से।

जब हम किसी लक्ष्य या सपने को चुनते हैं, तो हम अक्सर पूरी यात्रा नहीं जानते। हम केवल मंज़िल जानते हैं — रास्ते नहीं। रास्ता कभी धीमा लगता है, कभी कठिन और कभी बिल्कुल रुक सा जाता है। लेकिन हर कदम, चाहे वह आगे हो या पीछे महसूस हो, हमें मज़बूत और तैयार बना रहा होता है।

एक तीर को ही देख लीजिए — उसे चलने से पहले पीछे खींचा जाता है। जितना अधिक पीछे खींचा जाएगा, उतनी ज़ोर से वह आगे जाएगा। कई बार ज़िन्दगी भी इसी तरह काम करती है। जब हमें लगता है कि हम पीछे जा रहे हैं — असफलता, संघर्ष, कठिनाइयों या देरी की वजह से — तो वह हार नहीं, बल्कि तैयारी होती है। यह वह शक्ति है जो उड़ान भरने से पहले हमें भीतर से मजबूत बनाती है।

तो अगर आप फँसा हुआ, रुका हुआ या खोया हुआ महसूस कर रहे हैं — याद रखिए, यह ठहराव भी एक उद्देश्य रखता है। विकास अक्सर दिखाई नहीं देता, लेकिन वह जारी रहता है। बीज महीनों मिट्टी के अंदर रहता है, फिर अंकुर बनता है। इल्ली पहले खुद को घोलती है, तब जाकर तितली बन पाती है। असली ताकत आराम में नहीं, संघर्ष में पैदा होती है।

कठिन समय में स्थिर रहना धैर्य, विश्वास और आत्मविश्वास मांगता है। इसका मतलब है खुद को याद दिलाना कि असफलताएँ स्थायी नहीं हैं और आपका प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता, भले ही आज उसका परिणाम न दिखे। इसका मतलब है डर से ज़्यादा भरोसा चुनना, हार से ज़्यादा उम्मीद और रुकावटों से ज़्यादा आगे बढ़ने की इच्छा।

ऐसा सोचने का मतलब चुनौतियों को नज़रअंदाज़ करना नहीं है — बल्कि उन्हें इस समझ के साथ स्वीकार करना है कि आप उन्हें पार करने की क्षमता रखते हैं। हर मुश्किल आपको कुछ सिखाती है — धैर्य, स्पष्टता, आत्मबल, समझदारी या आत्मविश्वास।

तो एक गहरी साँस लीजिए और विश्वास रखिए कि यह अध्याय भी आपके लिए ही लिखा गया है। यह देरी इनकार नहीं है। यह संघर्ष अंत नहीं है।

आप बढ़ रहे हैं। आप बदल रहे हैं। आप उभर रहे हैं — भले ही अभी यह दिख न रहा हो।

धैर्य रखें। आगे बढ़ते रहें। उम्मीद बनाए रखें।

आपकी उड़ान का समय अब दूर नहीं।

Published by

Unknown's avatar

Rajeev Verma

Thanks For watching. Note:- ALL THE IMAGES/PICTURES SHOWN IN THE VIDEO BELONGS TO ME. I AM THE OWNER OF ANY PICTURES SHOWED IN THE VIDEO ! DISCLAIMER: This Channel DOES NOT Promote or encourage Any illegal activities , neither any services of any child is taken in this video making, all contents provided by this Channel is meant for Sharing Knowledge and awareness for health only . Rajeev Verma #HealthyFeasting. I Loves to post videos on Preventive Health Maintenance Food Recipes. Subscribe my YouTube Channel NOW. http://www.youtube.com/c/HealthyFeasting

Leave a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.