राजीव वर्मा स्वरचित एवं प्रकाशित
मां की ममता सबसे न्यारी,
हर दुख में बनती वो सहारा,
प्यार लुटाए, दीप जलाए,
बन जाए सृष्टि का उजियारा।
बहिन-बेटी बन देती दुलार,
घर-आंगन में घोलती बहार,
प्यार का सागर, ममता की गंगा,
हर रिश्ते में जगती है प्यार।
जय हो नारी, शक्ति तुम्हारी,
तुमसे है यह संसार सारा।
सरस्वती बन विद्या देती,
लक्ष्मी बन भरतीं भंडारा।।
मां दुर्गा बन शक्ति साहस,
अन्याय से जो लड़े निरंतर,
धरती पर जब संकट आता,
बन जाए वो रण की रणचंडी।
जय हो नारी, शक्ति तुम्हारी,
तुमसे है यह संसार सारा।
सरस्वती बन विद्या देती,
लक्ष्मी बन भरतीं भंडारा।।
हर रूप में तुम पूजनीय,
स्नेह, प्रेम, ममता की मूरत,
विश्व महिला दिवस की बेला,
हर नारी को शत्-शत् वंदन।।🥰