राजीव वर्मा, स्वरचित एंव प्रकाशित 15-जून-2024
लोग अक्सर फिजिकली एक्टिव रहने के लिए अलग-अलग तरह की एक्सरसाइज करना पसंद करते हैं। पैदल चलना और सीढ़ियां चढ़ना इन्हीं में से एक है, जो वेट लॉस के लिए काफी कारगर माना जाता है। हालांकि लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि सीढ़ी चढ़ने और पैदल चलने में से कौन ज्यादा फायदेमंद होता है। पैदल चलना हो या सीढ़ी चढ़ना दोनों ही बेहद जरूरी और हेल्दी वर्कआउट माना जाते हैं। इनके अनेकों फायदे हैं। ये दोनों ही शरीर के निचले हिस्से को मजबूत बनाते हैं और मांशपेशियों को टोन करते हैं। कई लोग मॉर्निंग या इवनिंग वॉक तो कर लेते हैं, लेकिन अलग से सीढ़ियां चढ़ने की एक्सरसाइज बहुत कम लोग करते हैं।
पैदल चलते समय शरीर एक सीधी लकीर जैसी दिशा में चलती है, लेकिन सीढ़ियों पर ऊपर चढ़ते समय शरीर खड़ी होकर एक एंगल में मुड़ती है, जिससे मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है और पैर की मांसपेशियां स्टेबल हो कर मजबूत होती हैं। चढ़ते समय शरीर ग्रेविटी के खिलाफ जा रहा होता है। इससे पैरों की मांसपेशियों पर जो खिंचाव होता है, इससे ये मजबूत होने के साथ टोन होती हैं।
पैदल चलते समय मात्र पंजों पर दबाव पड़ता है। वहीं, सीढ़ियां चढ़ते समय पैर, पंजे, घुटने, एड़ी सभी हिस्सों पर दबाव पड़ता है और इनकी वर्जिश होती है, जिससे पैरों की ताकत बढ़ती है।
पैदल चलने की तुलना में सीढ़ियां चढ़ने में अधिक मेहनत लगती है, जिससे ये एक इंटेंस वर्कआउट की श्रेणी में आता है। इससे स्टैमिना बूस्ट होता है और एनर्जी बढ़ती है।
पैदल चलने के लिए संभवतः लोगों को बाहर कहीं पार्क या खुली जगह में जाना मजबूरी होती है, लेकिन सीढ़ियां आप कहीं भी चढ़ सकते हैं, फिर वो घर हो या ऑफिस हो या फिर कोई मॉल हो।
पैदल चलने की तुलना में सीढ़ियां चढ़ने से अधिक कैलोरी बर्न होती है और साथ ही हार्ट, लंग्स और मांसपेशियां अधिक मजबूत होते हैं।
इन बिंदुओं से ये साफ होता है कि सीढ़ियां चढ़ना ज्यादा फायदेमंद होता है, लेकिन अगर आपको किसी प्रकार की घुटने की या सांस फूलने की समस्या है, तो डॉक्टर के निर्देशानुसार ही सीढ़ियां चढ़ें।
स्वस्थ रहें, मस्त रहें।
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