राजीव वर्मा
पिछले हफ्ते मेरी दांत में दर्द हुआ और मैं जिंदगी में पहली बार दाँत के डॉक्टर के पास गया।
रिसेप्शन में बैठे-बैठे मेरी नजर दीवार पर लगी नेमप्लेट पर पड़ी और उस पर लिखे डॉक्टर के नाम को पढ़ते ही मानो मुझ पर बिजली गिर पड़ी।
डॉ. कविता
यानी, स्कूल के दिनों का हमारी क्लास की सबसे सुंदर, गोरी-चिट्टी, लम्बे बालों वाली सबसे होशियार, सबसे खूबसूरत और सबसे चंचल स्टाइलिश लड़की।
अब झूठ क्या बोलना । क्लास के दूसरे लड़कों के साथ-साथ मैं भी उस पर मरता था, अपनी ‘कविता’ पर।
मेरे दिल की धड़कन बढ़ गई।
मेरा नंबर आने पर मैंने धड़कते दिल से, ‘कविता’ के चेम्बर में प्रवेश किया।
उसके माथे पर झूलते घुँघराले बाल अब हट चुके थे,
गुलाबी गाल अब फूलकर गोल गोल हो गए थे … अब वह पहले से भी ज्यादा सुंदर लग रही थी। वही स्टाईल। नीली-नीली आँखें मोटे चश्मे के पीछे छुप गईं थीं लेकिन …
…. फिर भी ‘कविता’ पहले से कहीं सुंदर लग रही थी।
मेरी फूटी किस्मत उसने मुझे पहचाना नहीं।
मेरी दांत की जाँच हो जाने के बाद…
मैंने ही उससे पूछा : “तुम देहरादून में पढ़ती थी ना ?”
वो बोली : “हाँ “
मैंने पूछा : “विद्या मंदिर ? 10 वीं, 1979 पास आऊट बैच !”
वो बोली : “करेक्ट..! लेकिन आपको कैसे मालूम सर ? “
मैंने मुस्कराते हुए जवाब दिया :”अरे, तुम मेरी ही क्लास में थी …”
फिर…
वो,
मुझसे बोली….
” आप कौन सा सब्जेक्ट पढ़ाते थे .. सर … ? “
चोट इसे कहते हैं ! बिजली गिर गई हमारे ऊपर !
सीने में दर्द हुआ है !
साला तोंद निकलने और सफ़ेद बाल, वो भी आधे झड़ने के बाद, ये हाल होगा, सोचा भी ना था !
दोस्तों, अपना स्वास्थ सुधारें, स्वस्थ दिनचर्या अपनाए और रोज व्यायाम करें । प्रात: 6 से 7 तक घूमने जाएं । हमारी अधूरी लव स्टोरी से कुछ शिक्षा लें ताकि आपकी पुरानी प्रेमिका आपको “सर” न समझे।
कृपया सुझाव एवं विचार अवश्य प्रस्तुत करें।