राजीव वर्मा
मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाने के लिए सिर के चक्रों की स्थिति एवं मसाज की पद्धति सीखें।
मसाज के लिए तेल नारियल या सरसों का तेल लें।
1. मूलाधार चक्र – सिर के पीछे का भाग
मसाज का तरीका – हथेली का अंतिम भाग (निचले भाग) से घड़ी की सुई की दिशा में घुमाते हुए अच्छी तरह तेल लगाकर मसाज करें।
2. स्वाधिष्ठान चक्र – कान के ऊपर तथा शिखा बिन्दु का दोनों तरफ का भाग।
मसाज का तरीका – दोनों अंगूठे से अंदर की दिशा में घूमते हुए मसाज करे
3. नाभि चक्र – सिर में शिखा (चोटी) बिंदु पर
मसाज का तरीका – मध्यमा अंगुली (सबसे बड़ी अंगुली) से अंदर की दिशा में घुमाते हुए मसाज करें।
4. हृदय चक्र (अनहत चक्र) – सिर के तालु भाग दोनों ओर का स्थान
मसाज का तरीका – कनिष्ठा अंगुली (सबसे छोटी अंगुली) से मसाज करें।
5. विशुद्धि चक्र – सिर के तालु भाग के आगे का भाग जहां से बाल शुरू होते हैं उसके नीचे मध्य में ।
मसाज का तरीका – तर्जनी अंगुली (पहली अंगुली) से मसाज करें।
6. आज्ञा चक्र – सिर का सामने का भाग जहां हम बिन्दी लगाते हैं।
मसाज का तरीका – जिस अनामिका अंगुली से हम बिन्दी लगाते हैं (छोटी अंगुली के पास वाली अंगुली) से मसाज करें।
7. सहस्रार चक्र – सिर का तालु क्षेत्र।
मसाज का तरीका – हथेली के मध्य भाग से अच्छी तरह तेल लगाकर आहिस्ता आहिस्ता क्लॉक वाईस मसाज करें।
8. एकादश चक्र – ललाट के क्षेत्र में आज्ञा चक्र के ऊपर तथा बाल जहां से शुरू होते हैं।
मसाज का तरीका – अंगुली से आहिस्ता घुमाते हुए मसाज करें।
9. हंसा चक्र – दोनों भवों के मध्य का स्थान।
मसाज का तरीका – तर्जनी अंगुली से आहिस्ता आहिस्ता दबाते हुए मसाज करें।